आई डब्लू एम बज्ज.कॉम ने सोनी टीवी के शो इशारों इशारों में की समीक्षा की।

सोनी टीवी के शो इशारों इशारों में की समीक्षा: एक डेफ और म्यूट प्रेम कहानी

सुपरनैचुरल और बहुत सारा ड्रामा जहा टीवी को राज कर रहे है वह सोनी टीवी का नया शो इशारों इशारों में (किजागो) एक ताजी और कुछ अलग हवा की तरह आया है।

गूंगे और बहरे कपल का ये प्यारा सा रोमांस, योगी (मुदित नायर) और गुंजन (सिमरन परीनजा), कुछ अलग अंदाज के साथ काफी दिलचस्प होगा।

सेटिंग पुरानी दिल्ली का भीड़भाड़ वाला इलाका है, जहां योगी अपने परिवार के साथ रहते हैं और काम करते हैं। सभी टीवी शो में संयुक्त परिवार कैसे आते हैं? मैं कभी असल जीवन में इतना शांति पूर्ण साथ रहना नहीं देखा है।

पहला एपिसोड जहा योगी के पिता प्रकाश (किरण कर्मकार) पूरे घर को रेजर के लिए नीचे बुला लेते है। और सोकर प्लेयर होने के नाते क्या योगी टीम खेलने के महत्व को समझ नहीं पाना चाहिए। सेल्फ ग्लोरी की खोज भी विनाशकारी साबित होता है। क्रिएटिव उन्हें आइकॉनिक रिवर्स फ्लिक किक का चित्रण करवाना चाहते है।

जैसा कि हमने कहा, जहा पिता खेल के मैदान में आ जाते है और उनके चेस्ट पर हिट लग जाती है वो काफी मजेदार था। और भाई बहन (योगी और खुशी) की जोड़ी ने हमारे चेहरे पर मुस्कुराहट ला दी। योगी के लिए उनकी बहन बोलती है।

एक अलग टेम्पलेट यह है कि आम तौर पर सबसे अधिक शो में लड़की की मां को चिंता होती है कि बेटी अभी अविवाहित है। यहां योगी की मां कुसुम (स्वाती शाह) किसी भी अजनबी लड़की को योगी की तस्वीर दिखती हैं।

लेकिन वो हमेशा निराश हो जाती है क्योंकि लड़किया योगी की कमियां सुनकर मना कर देती है। क्या ये विचार आपको नहीं आता कि सभी को खुश रहने का अधिकार है।।

प्यारे परिवार का अंताक्षरी खेलते हुए दृश्य एक परफेक्ट राजश्री पल है।

यद्यपि योगी के दादीद रामल्ल श्रीवास्तव (सुधीर पांडे) अपने बेटे की सबके सामने गुस्सा करते हो लेकिन , वह भी उसकी पीठ के पीछे उसकी प्रशंसा करते है। पीछे की कहानी के बारे में कि प्रकाश अपने करियर में क्यों विफल रहा था उसके कारण है।

पहले कुछ एपिसोड की रन लेंथ स्टैंडर्ड 20 ओड मिनट्स से ज्यादा थी, लेकिन अब चीज़े सामान्य हो गई है। ये चीज हमेशा शो की वैल्यू को और बढ़ाने के लिए होती है।

सीनियर जेनरेशन ( रामलाल – सुलभा आर्य उर्फ गीता देवी, प्रकाश – सुमन) का रोमांस काफी क्यूट था।

फीमेल लीड, गुंजन एक प्यारी गूंगी बहरी लड़की जिसके पिता शिव कुमार (सूरज थापर) अपनी बेटी की शादी करने के लिए कितना भी दहेज देने के लिए तैयार है ताकि उनकी बेटी सेटल हो जाए लेकिन काश।

योगी गुंजन से काफी प्रसन्न है और हमेशा उसका साइकिल पर पीछा करते है। लेकिन वो हमेशा आखिर में डॉक्टर परी (देबत्तमा साह) से क्रैश हो जाते है। उनके पिता हमेशा उन्हें इस घटना में पकड़ लेते है। दिलचस्प बात यह है कि पहली बार, एक महिला प्रमुख चरित्र (पारी) को पीने और पार्टी का प्रदर्शन किया जा रहा है।

जैसा कि भाग्य है, प्रकाश और शिव कुमार बचपन के दोस्त है, क्या ये दोनों मिलेंगे?

वो दृश्य जहा योगी गुंजन से मिलने के पहले देसी सलॉन सजने के लिए जाते है वो काफी मजेदार था। इसके अलावा उनके उनकी दोस्त के साथ ये बातचीत कि शुरुआत कैसे करनी हैवो भी एक मजेदार पल था।

योगी आर गुंजन के बीच रोमांस देखना काफी दिलचस्प होगा। हमे यकीन है की संदर्भ खामोशी (नाना पाटेकर और सीमा बिस्वास) से लिया जाएगा।

लेकिन ये टीवी सीरीज फिल्म से अलग होगा। लीड बिना डायलॉग्स एक क्रिएटिव चुनौती है प्रोड्यूसर (जमा हबीब) के लिए, जैसा कि आप हमेशा साइन लैंग्वेज और दोहराने वाले पल नहीं रख सकते है।

और लव ट्राइंगल (योगी, गुंजन और परी) काफी दिलचस्प होगा ये देखना की कोई उसे प्यार कर सकता है जो ना बोल सकता है और ना सुन सकता है। यह अनुमान लगाने के लिए कोई पुरस्कार नहीं है कि वही योगी का इलाज करने की कोशिश करेंगी, लेकिन उसके साथ प्यार करने लगेंगी।

मुदित योगी के किरदार में काफी अच्छा काम कर रहे है, अपने हाथ और फेस द्वारा काफी अच्छी भावनाएं दे रहे है। उम्मीद है, वे कुछ दृश्यों को दिखाए जहां वो अपने दुर्भाग्य के लिए भाग्य को दोषी ठराए, क्योंकि इससे वो और अधिक सामान्य इंसान दिखे।

अभी तक सिमरन ने एक बिना कारण मुस्कान के अलावा कुछ नहीं किया है। कुनाल जी काफी अच्छा किरदार निभा रहे है एक सख्त लेकिन प्यार करने वाले पिता। कुसुम हमेशा उन्हें शांत कर देती है (शाहरुख खान से स्वयं की कथित समानता)।

हमे उम्मीद है कि क्रिएटिव ऋषिना कंधारी की भाभी के किरदार को कुछ एज देंगे जैसे स्टोरी आगे जा रही है। वो सारी में काफी सुंदर दिख रही है।

जैसा कि हमेशा होता है, बाकी परिवार के किरदार को कैनवस फिल करने के लिए रखा जाता है।

सोनी के अधिकतर फिक्शन के काम नंबर मेकर्स के लिए चुनौती है। एक तरह से, यह निर्माताओं के एक आशीर्वाद साबित होगा, क्योंकि चैनल मंडरिन जल्दी बदलाव का सहारा नहीं लेंगे, जिससे कहानी को अपने प्राकृतिक पाठ्यक्रम का पालन करना होगा।

3.5/5 इशारों इशारों में के लिए हमारी रेटिंग है।

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