जानिए यह तरीके जिन्हें अपनाकर आप अपने स्पेशल चाइल्ड का ध्यान रख सकते हैं!

क्या आपका बच्चा है ‘स्पेशल चाइल्ड’? ध्यान रखने के ये ५ तरीके अपनाए

किसी भी जोड़ी के जीवन का सबसे हसीन और यादगार कल तब होता है जब वह एक बच्चे को जन्म देते हैं। एक बच्चे की आ जाने से जीवन में ढेरों खुशियां आ जाती हैं। लेकिन कई बार कुछ परेशानियों के चलते यह बच्चे सामान्य बच्चों से अलग यानी स्पेशल चाइल्ड होते हैं। आम बच्चों के मुकाबले स्पेशल चिल्ड्स को प्यार और उनका ध्यान रखने का तरीके दूसरों से अलग हो जाता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे आसान तरीके जिन्हें अपनाकर आप अपने स्पेशल चाइल्ड को प्यार देते हुए ध्यान रख सकते हैं!

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संकेतों में बातें –
कई सारे स्पेशल चाइल्ड कैसे इस बार एक बात आम पाई गई है कि इन सभी की मानसिक क्षमता दूसरों बच्चों के मुकाबले कम होती है। ऐसे में कई बार यह बच्चे अपने भावनाओं को अच्छे से व्यक्त नहीं कर पाते ऐसे में उनका स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। ऐसा होने से रोकने के लिए आप अपने बच्चे को खिलौने या किसी प्रकार का उपकरण दे सकते हैं जिससे वह अपनी परेशानियां आपको इशारों में बता सके।

मानसिक दबाव से दूरी –
स्पेशल चाइल्ड होने पर अक्सर माता-पिता तनाव में आ जाते हैं। इस तनाव का मुख्य कारण वह बच्चा और उसकी समस्याएं नहीं बल्कि समाज होता है। यह एक ब्रह्म है और आपको इससे जरूर बचना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे अहम उसका परिवार और बच्चे होते हैं ऐसे में सिर्फ अपने परिवार और बच्चों के बारे में सोचें। आम लोगों की गलत सलाखों से बेहतर है कि आप जानकारों से बात करें।

बने सपोर्ट सिस्टम –
एक बच्चे के लिए सबसे जरूरी होता है कि उसके माता-पिता उसे समझे और उसका साथ दें। स्पेशल चाइल्ड होने पर बच्चों को ना सिर्फ खुद से बल्कि अन्य सामान्य बच्चों से भी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में आप अपने बच्चों के साथ समय बिताएं उन्हें समझे और समझाएं। उन्हें जो सकारात्मक रिस्पांस समाज नहीं देता उसकी उम्मीद वह सिर्फ अपने माता-पिता से ही करते हैं इसमें बच्चों पर नाराज होने से बेहतर है कि आप उनकी सपोर्ट सिस्टम बने।

बच्चों में हो दोस्ती –
कई सारे परिवारों में ऐसा भी होता है कि एक बच्चा सामान्य हो तो दूसरा स्पेशल हो। ऐसे में कई सारे माता-पिता अपने स्पेशल चाइल्ड की जिम्मेदारी उसके भाई बहन को दे देते हैं। इससे बेहतर होगा कि आप जिम्मेदारी देने के बदले उनके बीच दोस्ती का रिश्ता बनाने में मदद करें। जिम्मेदारी बच्चों पर एक दबाव बनाती है ऐसे में वह इससे बचने की कोशिश करेंगे लेकिन अगर दोनों बच्चों में दोस्ती हो गई तो वह एक दूसरे से देखते रहेंगे जो दोनों के लिए अच्छा होगा।

खर्च करें मैनेज –
कई सारे माता-पिता इस बात को स्वीकार ही नहीं करते कि उनका बच्चा स्पेशल चाइल्ड है। ऐसी स्थिति में समस्या और भी गंभीर हो सकती है। अगर आपका बच्चा स्पेशल चाइल्ड है या दूसरों के मुकाबले उसमें किसी प्रकार का अंतर नजर आता है तो सबसे पहले उसका कारण पता करें। ऐसी छुट्टियों में चिकित्सा जरूरी होती है, अच्छी डाइट, पोषण और समय पर इलाज कारगर साबित होते हैं।

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