आइ डब्लयू एम बज ने ज़ी५ के टाइगर्स की समीक्षा की

टाइगर्स की समीक्षा – एक कहानी जिसमे साहस है और अपने अविश्वसनीय अंदाज से  लोगो के रोंगटे खड़े कर देगी

एक आम आदमी क्या करता है जब वो असाधारण परिस्थितियों का सामना करता है, इससे साबित होता है कि उनका किरदार कितना ठोस होगा. क्या वो समय की कठोरता से चूहे की तरह घबरा जायगा या शेर की तरह दहाड़ मारेगा।

अयान, जो कि पिक्चर मै मैन लीड है, उन्होंने इस किरदार को बहुत ही बेहतरीन तरीके से निभाया है” ईमरान हाशमि” जिसके पास एक बहादुर दिल है जो अपने परिवार का पूरी तरह साथ देता है।

यह एक बहुत ही पहेलीनुमा बहस है, जिसमे हिम्मत की कहानी है जो असानी से अपके रोंगटे खड़े कर सकती है. यह पिक्चर एक सच्ची घटना पर आधारित है, डेविड जो असल मै ये इंसान है जिसपे यह फ़िल्म बनाई गयी है.
पहले ही फ्रेम से ये फ़िल्म हमारा ध्यान खीच लेती है और अंत तक नहीं छोड़ती।

कारोबार के दुनिया का लालची चेहरा हमारे सामने आता है, काले अक्षरों मै, सफेद बेगग्राउंड पे सनेटर एडवर्ड की आवाज आती है, एक अजीब से सन्नाटे मै, ये पूछते हुए कि कंपनी ज़िम्मेदारी लेगा की नहीं ये लोगो का जो मर रहे है, गन्दा खाना खाने के वजह से. तब वो बड़ी कठोरता से जवाब देता है कि “नहीं “. यह सीन लोगो को अपने तरफ खीच लेता है।

ऑस्कर विजयता, बोसनियन डाइरेक्टर, डेनिस ने बहुत ही मजेदार तरीके से पेश किया है. अगर कुछ भी ऊंच नीच होती तो तो सब खतरे,में पड़ जाते, क्योंकि ए.न.सी घातक साबित हो सकता था अगर वो कुछ इल्ज़ाम लगा देता तो, तो जो भी असल ज़िन्दगी के डिटेक्टर, रायटर के सवाल, चिंता ये सब है, वो सब कुछ कॉपी किया हुआ है उन के पर्दे पर किरदार से।

ये कहानी का रहस्य एक कमरे मै खुलता है,
सब, रायटर, डिटेक्टर अयान के साथ स्काइप.पर मौजूद होते हैं , जब अयान की कहानी फिर से आती है तब वो तीनो को मेहसूस होता है कि अयान एक ऐसी कहानी जो दुनिया से पहले सबको बतानी होगी. लेकिन उससे पहले नहीं जब उन्होने ए.न.सी का नाम बदलने का सोचा था ‘लास्ट’।

अयान, पाकिस्तान मै रहने वाला एक साधारण सा सेल्समेन जिसकी अभी अभी शादी हुई है और उसका सपना सेल्समेन बन्ने का पूरा हुआ।

काम के पहले दिन ही बिलाल ने जो कि उसका सीनियर है, उसने उसको मोटो की गड्डी दे दी जो कि सब खर्चा कर दिया उसने।

एक बार एक डॉक्टर कराची से अता है, और इसको सब बताता है कि जो फॉर्मूला वो बेचता है वो सही नहीं है. मा का दूध को अब भूल के फॉर्मूला इस्तमाल होने लगा. जिस के वजह से बच्चे मर रहे है।

इस वक़्त डाइरेक्टर कुछ असली बच्चों के विडियो और फोटोग्राफ दर्शाता है जो इस बीमारी से पीड़ित है. और जो दिल को छू जायगा।

अयान अपना काम छोड़ देता है गुस्सा हो के।

एक वक़्त अता है जब वो हार मान जाता है तब , उस के पत्नी और माता पीता ने उसे संभाला और आगे बंधने में मदद की। अब आगे अयान क्या होगा , क्या वो एक हीरो की तरह साबित होंगे या अपना सब कुछ हार जायेंगे?

ईमरान हाशमि बहुत ही टैलेंटेड अभिनेता है, हर एक किरदार बहुत अच्छे से निभाते है। और उनके तजुर्बा से किरदार में और जान आ जाती है। टाइगर में अपने एक्टिंग जे साथ उन्होंने अपने आप को बड़ी अच्छी तरह से दर्शकों के सामने रखा है। उनके हर एक एक्सप्रेशन काफी प्रशंसा के काबिल है।

टाइगर एक बड़ी प्रेरक कहानी है। इसके राइटर्स (डेनिस तनोविक और एंडी पैटरसन) , प्रोड्यूसर ( गुनित मोंगा, अनुराग कश्यप, एंडी पैटरसन, प्रशिता चौधरी,क्षितिज चौधरी, स्डोमिर कोलार, मार्क बसशेट, केट विलियर्स) और डायरेक्टर (डेनिस तानोविक) की सरहाना देनी चाहिए एक एसी कहानी पर फिल्म बनाने के लिए जो लोगो के लिए एक रहस्य और चर्चा में थी, और एक कहानी जिसे सबके सामने लाने और उसे पेश करने में काफी मेहनत करनी हो।

टाइगर फिल्म को लोगो तक पोहचने के लिए ४ वर्ष लग गए। बीबीसी ने भी इसे रिलीज करने के लिए ना केह दिया था। अब ज़ी ५ ने आगे कर इसे रिलीज किया है। अफसोस है की इसे लोग सिनेमा घरों में नहीं देख पाएंगे। टाइगर को सबको देखना चाहिए और एक अच्छी एंडिंग के भी लायक है।

डेविड को गोलिएथ को हराना है। इसी के लिए तो लेजेंड्स होते है।

आइ डब्लयू एम टाइगर्स को ४/५ रेट करता है।

(रश्मि पहारिया द्वारा लिखित)

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